Spiritual

प्रतिस्पर्धा के कारण नुक्सान – (लघुकथा संग्रह)

प्रतिस्पर्धा के कारण नुक्सान – (लघुकथा संग्रह)

बुज़दिल सुरक्षा हेतु जैसे ही उसने पुलिस का फोन नंबर समाचार पत्र में पढ़ा तो उत्तेजित होकर झट से मोबाइल में जमा कर लिया। शाम को खाना खाते वह समय टी.वी. पर फिल्म देख रही थी, एक सीन में जब…

अपना घर – (लघुकथा संग्रह)

अपना घर – (लघुकथा संग्रह)

शब्द कई बार व्यक्ति इतना भी नहीं सोच पाता कि बोलना क्या है, उन शब्दों का कोई अर्थ है या नहीं। वह शब्द दूसरों पर क्या प्रतिक्रिया करेंगे और बोलने के बाद स्वयं को कैसा महसूस होगा। कुछ साल पहले…

बच्चे के भीतर की आग – (लघुकथा संग्रह)

बच्चे के भीतर की आग – (लघुकथा संग्रह)

इसके विपरीत जैसे ही बहू ने थोड़ा-सा ऊंचे स्वर में सास मां से बात की तो वह अपमान समझकर अपने कमरे में आ गई और बहू अपने कमरे में चली गई। “…आखिर अपने आप को समझती क्या है… पढ़ी लिखी…

जल के बिना जीवन कैसा – (लघुकथा संग्रह)

जल के बिना जीवन कैसा – (लघुकथा संग्रह)

ऑटो वाली लड़की आज ऑटो में मुझे एक लड़की मिली जो देखने में बिल्कुल दुबली-पतली थी। पूछने पर उसने बताया, “आंटी! ‘नॉर्थकन्ट्री’ में काम करती हूँ। मुझे दस हज़ार रूपये मिलते हैं और पंद्रह सौ रूपये ऑटो में आने-जाने के…

सविता को छुट्टी – (लघुकथा संग्रह)

सविता को छुट्टी – (लघुकथा संग्रह)

छुट्टी “सर! मुझे छुट्टी चाहिए। दीवाली है मैं अपने बच्चों के संग मनाऊँगी, साल भर का त्यौहार है बहुत काम होता है। कृपया सर! छुट्टी दे दीजिए।” आखिर मैनेजर साहब मान गए और सविता को छुट्टी मिल गई। वह खुशी-खुशी…